Tuesday, 31 January 2017

जब भी Whatsapp खोलो,

जब भी Whatsapp खोलो,
लगता है Whatsapp नही
“हरिद्वार आ गए है…”
इतना अथाह ज्ञान बरसता है, कि मन एकदम शुद्ध हो जाता है…
सभी Whatsapp संतो को प्रणाम.
#चंद लाइने पुरे ग्रुप के लीये…#

“जिंदगी से हर पल एक मोज मिली,

कभी कभी नहीं हर रोज मिली.

बस एक अच्छा दोस्त मांगता था जिन्दगी से…

पर मुझे तो पूरी विद्वानों की फौज मिली।”
😝😜😜😜

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