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Thursday, 7 November 2019

When Thomas Edison successfully invented light bulb, after failing about 1000 times, all his assistants were happy.

When Thomas Edison successfully  invented light bulb, after failing about 1000 times, all his assistants were happy.

Edison called his office boy and asked him to test the bulb.Being at lowermost position, office boy was extremely nervous and hence he accidently dropped the bulb.

Office boy got hugely scared of losing the job.   Edison got another bulb ready in 2 days and again called same office boy to his cabin and again asked him to test the bulb.

Office boy got even more nervous, all assistants were furious for the fact that Why should Edison take a risk again with him? This time testing was OK.

Edison called all his assistants and explained, had the bulb fallen down again, I would have made another one in 1-2 days but had I not given him a chance again to succeed in this endeavour, his self-belief would have dented badly forever and I didn’t want to take a bigger risk.

Edison’s reaction to the mentioned incident, his clear identification of what was the “bigger risk” clearly signifies his assignment of precedence to human values over his professional achievement.

Anyone should perhaps become a great human being first, before attaining any other heights.

Former shines even without the latter but vice versa is not possible.

Apurav Devgon

Saturday, 17 November 2018

भीड़ मर गयी गैलीलियो नहीं मरा"* हम सब को बहुत गुस्सा आता है

🌅 *"भीड़ मर गयी गैलीलियो नहीं मरा"*

हम सब को बहुत गुस्सा आता है

*जब हम पढते हैं कि किस तरह क्रूर ईसाई धर्मान्धों ने गैलीलियो को जिंदा जला दिया था !*

गैलीलियो का गुनाह क्या था? उसने सच बोला था ! उसने कहा था कि

*सूर्य पृथ्वी के चारों तरफ नहीं घूमता बल्कि पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ घूमती है !*

जबकि धर्मग्रन्थ में लिखा था कि...

*पृथ्वी केन्द्र में है और सूर्य तथा अन्य गृह उसके चारों तरफ घुमते हैं !*

गैलीलियो ने जो बोला वो सच था ! धर्मग्रन्थ में झूठ लिखा था | इसलिए...

*धर्मग्रंथ को ही सच मानने वाले सारे अंधे गैलीलियो के विरुद्ध हो गये !*

गैलीलियो को पकड़ लिया गया

*गैलीलियो पर मुकदमा चलाया गया ! अदालत ने सत्य को अपने फैसले का आधार नहीं बनाया !*

बल्कि ...

*अदालत भीड़ से डर गयी ! भीड़ ने कहा यह हमारे धर्म के खिलाफ बोलता है इसे जिंदा जला दो !*

अदालत ने फ़ैसला दिया...

*इसे ज़िंदा जला दो क्योंकी इसने लोगों की धार्मिक आस्था के खिलाफ बोला है !*

जिंदा जला दिया गया गैलीलियो, सत्य बोलने के कारण !

*सत्य हार गया अंधविश्वासीआस्था जीत गयी !*

आज भी जब हम ये पढते हैं तो...

*सोचते हैं कि काश तब हम जैसे समझदार लोग होते  तो ऐसा गलत काम न होने देते !*

लेकिन अगर मैं आपको बताऊँ कि

*ऐसा आज भी हो रहा और आप इसे होते हुए चुपचाप देख भी रहे हैं तो भी क्या आप में इसका विरोध करने का साहस है ?*

आप अपनी तो छोडि़ये

*इस देश के सर्वोच्च न्यायालय में भी ये साहस नहीं है !*

*न्यायालय के एक नहीं अनेकों निर्णय ऐसे हैं जो सत्य के आधार पर नहीं धर्मान्ध भीड़ को खुश करने के लिए दिये गये हैं !*

भयंकर स्थिति है !

*सच नहीं बोला जा सकता !*

विज्ञान बढ़ रहा है !

*विज्ञान का उपयोग हथियार बनाने में हो रहा है !*

विज्ञान की खोज  टीवी है, सोशल मीडिया है, मोबाइल है, कम्प्यूटर है।

*टीवी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों के दिमाग बंद करने में किया जा रहा है !*

इतना ही नहीं....

*लोगों को भीड़ में बदला जा रहा है !*

भीड़ की मानसिकता को एक जैसा बनाया जा रहा है !

*जो अलग तरह से बोले उसे मारो या जेल में डाल दो !*

अलग बात बोलने वाला अपराधी है ! सच बोलने वाला अपराधी है !

यह भीड़ हिंदुस्तान से लेकर अमेरिका तक फ़ैली है,

*वही भीड़ संसद भवनों और विधान सभाओं में दाखिल हो गयी है !*

वो कुर्सियों पर बैठ गयी है !

वो तर्क को नहीं मानेगी, इतिहास को नहीं मानेगी !

*ये भीड़ राजनीति को चलाएगी !*
*विज्ञान को जूतों तले रोंद देगी !*
*कमजोर किसान मजदूर को मार देगी !*

और फिर

*ढोंग करके खुद को धर्मिक, राष्ट्रभक्त और मुख्यधारा कहेगी !*

मगर....

*मैं खुद को इस भीड़ के राष्ट्रवाद, धर्म और राजनीति से अलग करता हूं !*

मुझे इसके खतरे पता हैं !

*पर मैंने इतिहास में जाकर जलते हुए गैलीलियो के साथ खड़े होने का फ़ैसला किया है !*

मुझे पता है

*मेरा अंत उससे ज्यादा बुरा हो सकता है !*

पर देखो न....

*भीड़ मर गयी गैलीलियो नहीं मरा !*

एक वायरल सत्य...🌅

Friday, 8 June 2018

स्कूल से एक 6'th क्लास का बच्चा अपने घर आकर अपनी माँ से पूछता

स्कूल से
एक 6'th क्लास का बच्चा
अपने घर आकर
अपनी माँ से पूछता है :- "माँ ये SC और ST क्या हैं ?"

माँ :- बेटा,
ये तुम्हे क्यों जानना है ?

बच्चा :- माँ आज सर हमसे पूछ रहे थे
की कौन-कौन SC ST का हैं

माँ :- बेटा उन्होंने ऐसा क्यों पूछा,
उन्होंने नहीं बताया क्या ?

बच्चा :- बताया पर सिर्फ इतना कि,
जो जो SC ST के हैं
उन्हें पैसे मिलेंगे,
पर माँ ये क्या होता हैं?

माँ :- बेटा
हमारे सविधान में
4 कास्ट बनायीं है --
SC, ST, Obc और General
तो सरकार उन्हें गरीब और पिछड़े हुए लोगो को मदद करने के लिए सुविधा दी हैं।

बच्चा -: पर माँ
सिर्फ उन्हें ही क्यों मिलती हैं और
मेरा दोस्त तो गरीब भी नहीं हैं फिर
भी उसे मिलेगे पैसे,
ये सुविधा गरीब के लिए हैं तो
हम भी गरीब है न तो
हमको क्यों नहीं मिलेंगे पैसे?

माँ :- बेटा ये सविधान में लिखा है।

बेटा :- पर माँ सविधान के बारे में कहा था की
सबको एक जैसा हक़ है तो फिर ये क्यों ?

माँ :- बेटा
ये सब राजनीति का गन्दा खेल हैं
उनकी वजह से आज
धर्म और जाति के नाम पर लोग एक सामान नही हैं

बेटा :- पर माँ हम क्या हैं,..? जिससे हम को पैसे नहीं मिलेगे

माँ :- बदनसीब,
हम लोग बदनसीब है बेटा
पूरे विश्व में कही पर
इस तरह का नियम नहीं है
बस हमारे भारत में है
ये सुविधा, सविधान निर्माता ने इसको सिर्फ 10 वर्ष के लिए रखा था
पर ये देश के दलालो ने इसको पूर्ण रूप से लागू कर दिया.

बेटा :- माँ क्या आगे भी
मुझे इसी तरह की दिक्कत होगी ?

माँ :- हाँ बेटा,
आगे तुझे पढ़ाई में,
नोकरी में, प्रमोशन में,
हर जगह दिक्कत आएगी,
जातिवाद का जहर तुझे मजबूर कर देगा और
तू कितना भी सहन करले,
एक दिन तू जरूर बोलेगा की ये कोटा बंद करो

बेटा :- माँ तो क्या हमारी मदद कोई नहीं करेगा,..?
काश में भारत छोड़ कही और पैदा हुआ होता

माँ :- ऐसा नहीं बोलते बेटा
इस धरती को
हमारे पूर्वजो ने खून से सींचा हैं और
बलिदान दिया है
तुम्हे गर्व होना चाहिए की तुम एक भारतीय हो,
बस ये सत्ता के भूखे लोग हमारी गरीबी दूर करने के बजाये वोट पाने की होड़ में हैं ।

बेटा :- माँ मेरा दोस्त बोलता हैं की पैसे मिलेगे तो पार्टी करेगे,
माँ हमें एक रोज की रोटी
बड़ी मुश्किल से मिलती हैं और
मेरे दोस्त पार्टी करेगे,
माँ में नहीं जाउगा स्कूल कल से ।

माँ :- नहीं बेटा,
तुम रोज स्कूल जाओ और पढ़ो,
पढ़लिख कर शायद तुम इस कोटा को बदल दो

बेटा :- हा माँ में खूब पढूंगा पर
हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं की आगे पढ़ सकूँ

माँ :- तू चिंता न कर, मैं काम करुँगी न तेरी पढ़ाई के लिए

ये सन्देश
हमारे राजनेताओ तक पहुचे और वो
सिर्फ गरीबो को कोटा दे न कि विकसित लोगो को..

यदि ये
Message आपको बार-बार
मिले तो परेशान न होए,
इसे फिर शेयर कर दें।

आपकी पहल
शायद किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति का
जीवन सुधार दे.....

अगर 40% नंबर पाने वाला
पुलिस अधिकारी बन जाता है और
80% नंबर पाने वाला
रोजगार न मिलने के कारण चोर बन जाता है,
तब आप सोचिये,
क्या वो S.P साहब कभी उस चोर को पकड़ पायेगे जो
उनसे जायदा दिमाग रखता है|

आरक्षण हटाओ,
देश बचाओ...

📙 सहमत हैं तो कृपया शेयर करे!

Sunday, 3 June 2018

एक सुनार से लक्ष्मी जी रूठ गई । जाते वक्त बोली मैं जा रही हूँ...

{◆π◆}

  एक सुनार  से लक्ष्मी  जी  रूठ गई ।

           जाते वक्त  बोली मैं जा रही  हूँ...

    और... मेरी जगह  नुकसान आ रहा है ।

                       तैयार  हो जाओ।

लेकिन  मै तुम्हे अंतिम भेट जरूर देना चाहती हूँ।
                                 मांगो जो भी इच्छा  हो।

                      सुनार बहुत समझदार  था।
उसने 🙏 विनती  की नुकसान आए तो आने  दो ।

लेकिन  उससे कहना की मेरे परिवार  में आपसी  प्रेम  बना रहे।

                🤔बस मेरी यही इच्छा  है।

     लक्ष्मी  जी  ने  तथास्तु  कहा।

                      कुछ दिन के बाद :-

सुनार की सबसे छोटी  बहू  खिचड़ी बना रही थी।

उसने नमक आदि  डाला  और अन्य  काम  करने लगी।

तब दूसरे  लड़के की  बहू आई और उसने भी बिना चखे नमक डाला और चली गई।

इसी प्रकार  तीसरी, चौथी  बहुएं  आई और नमक डालकर  चली गई ।

               उनकी सास ने भी ऐसा किया।

           शाम  को सबसे पहले सुनार  आया।

                  पहला निवाला  मुह में लिया।
                                 देखा बहुत ज्यादा  नमक  है।

लेकिन  वह समझ गया  नुकसान (हानि) आ चुका है।

   चुपचाप खिचड़ी खाई और चला गया।

     इसके बाद  बङे बेटे का नम्बर आया।

                                पहला निवाला  मुह में लिया।
पूछा पिता जी  ने खाना खा लिया क्या कहा उन्होंने ?

सभी ने उत्तर दिया :- " हाँ खा लिया, कुछ नही बोले।"

अब लड़के ने सोचा जब पिता जी ही कुछ  नही  बोले तो मै भी चुपचाप खा लेता हूँ।

इस प्रकार घर के अन्य  सदस्य  एक -एक आए।

पहले वालो के बारे में पूछते और.. चुपचाप खाना खा कर चले गए।

     रात  को नुकसान (हानि) हाथ जोड़कर

सुनार से कहने लगा : -  "मै जा रहा हूँ।"

                      सुनार ने पूछा :- क्यों ?

तब नुकसान (हानि ) कहता है, " आप लोग एक किलो तो नमक खा गए  ।

लेकिन  बिलकुल  भी  झगड़ा  नही हुआ। मेरा यहाँ कोई काम नहीं।"

                   *निचोङ*

⭐झगड़ा कमजोरी , हानि , नुकसान  की पहचान है।

    👏जहाँ प्रेम है , वहाँ लक्ष्मी  का वास है।

🔃सदा प्यार - प्रेम  बांटते रहे। छोटे -बङे  की कदर करे ।

                    जो बङे हैं , वो बङे ही रहेंगे ।

चाहे आपकी कमाई उसकी कमाई   से बङी हो।   🙏🙏🙏🙏

    अच्छा लगे तो आप जरुर किसी अपने को भेजें।

       ☘☘☘ *- Զเधे   Զเधे -* ☘☘☘

            *अच्छे के साथ अच्छे बनें ,*
                 *पर  बुरे के  साथ बुरे नहीं।*

                     *....क्योंकि -*
                                🔰
               *हीरे से हीरा तो तराशा जा*
                 *सकता है लेकिन कीचड़ से*
                   *कीचड़  साफ  नहीं किया*
                                           *जा सकता ।*

                 ☘☘☘ ☘☘☘

Thursday, 15 March 2018

एक कहानी जो छू जाएगी कहीं से आपके अंतर्मन को😘

😘एक कहानी जो छू जाएगी कहीं से आपके अंतर्मन को😘
💓💓💕💕💖💖💕

"पाँच साल की बेटी बाज़ार में
गोल गप्पे खाने के लिए मचल गई।

"किस भाव से दिए भाई?"
पापा नें सवाल् किया।

"10 रूपये के 8 दिए हैं।
गोल गप्पे वाले ने जवाब दिया......

पापा को मालूम नहीं था गोलगप्पे
इतने महँगे हो गये है....जब वे खाया करते थे तब तो एक रुपये के 10 मिला करते थे। . पापा ने जेब मे हाथ डाला 15 रुपये बचे थे। बाकी रुपये घर की जरूरत का सामान लेने में खर्च हो गए थे। उनका गांव शहर से दूर है 10 रुपये तो बस किराए में लग जाने है।

"नहीं भई 5 रुपये में 10 दो तो ठीक है वरना नही लेने।

यह सुनकर बेटी नें मुँह फुला लिया....

"अरे अब चलो भी ,
नहीं लेने इतने महँगे।

पापा के माथे पर लकीरें उभर आयीं ....

"अरे खा लेने दो ना साहब...

अभी आपके घर में है तो
आपसे लाड़ भी कर सकती है...

कल को पराये घर चली गयी तो
पता नहीं ऐसे मचल पायेगी या नहीं. ...

तब आप भी तरसोगे बिटिया की
फरमाइश पूरी करने को...

गोलगप्पे वाले के शब्द थे तो चुभने
वाले पर उन्हें सुनकर पापा को
अपनी बड़ी बेटी की याद आ गयी....

जिसकी शादी उसने तीन साल पहले
एक खाते -पीते पढ़े लिखे परिवार में की थी......

उन्होंने पहले साल से ही उसे छोटी
छोटी बातों पर सताना शुरू कर दिया था.....

दो साल तक वह मुट्ठी भरभर के
रुपये उनके मुँह में ठूँसता रहा पर
उनका पेट बढ़ता ही चला गया ....

और अंत में एक दिन सीढियों से
गिर कर बेटी की मौत की खबर
ही मायके पहुँची....

आज वह छटपटाता है
कि उसकी वह बेटी फिर से
उसके पास लौट आये..?
और वह चुन चुन कर उसकी
सारी अधूरी इच्छाएँ पूरी कर दे...

पर वह अच्छी तरह जानता है
कि अब यह असंभव है.
"दे दूँ क्या बाबूजी

गोलगप्पे वाले की आवाज से
पापा की तंद्रा टूटी...

"रुको भाई दो मिनिट ....
पापा पास ही पंसारी की दुकान थी उस पर गए जहाँ से जरूरत का सामान खरीदा था। खरीदी गई पाँच किलो चीनी में से एक किलो चीनी वापस की तो 40 रुपये जेब मे बढ़ गए।

फिर ठेले पर आकर पापा ने डबडबायी आँखें
पोंछते हुए कहा
अब खिलादे भाई। हाँ तीखा जरा कम डालना। मेरी बिटिया बहुत नाजुक है....
सुनकर पाँच वर्ष की गुड़िया जैसी बेटी की आंखों में चमक आ गई और पापा का हाथ कस कर पकड़ लिया।

जब तक बेटी हमारे घर है
उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करे,...👏👏

क्या पता आगे कोई इच्छा
पूरी हो पाये या ना हो पाये ।

ये बेटियां भी कितनी अजीब होती हैं
जब ससुराल में होती हैं
तब माइके जाने को तरसती हैं....

सोचती हैं
कि घर जाकर माँ को ये बताऊँगी
पापा से ये मांगूंगी
बहिन से ये कहूँगी
भाई को सबक सिखाऊंगी
और मौज मस्ती करुँगी...

लेकिन

जब सच में मायके जाती हैं तो
एकदम शांत हो जाती है
किसी से कुछ भी नहीं बोलती....

बस माँ बाप भाई बहन से गले मिलती है।
बहुत बहुत खुश होती है।
भूल जाती है
कुछ पल के लिए पति ससुराल.....

क्योंकि
एक अनोखा प्यार होता है मायके में
एक अजीब कशिश होती है मायके में.....
ससुराल में कितना भी प्यार मिले.....

माँ बाप की एक मुस्कान को
तरसती है ये बेटियां....

ससुराल में कितना भी रोएँ
पर मायके में एक भी आंसूं नहीं
बहाती ये बेटियां....

क्योंकि
बेटियों का सिर्फ एक ही आंसू माँ
बाप भाई बहन को हिला देता है
रुला देता है.....

कितनी अजीब है ये बेटियां
कितनी नटखट है ये बेटियां
भगवान की अनमोल देंन हैं
ये बेटियां ......

हो सके तो
बेटियों को बहुत प्यार दें
उन्हें कभी भी न रुलाये
क्योंकि ये अनमोल बेटी दो
परिवार जोड़ती है
दो रिश्तों को साथ लाती है।
अपने प्यार और मुस्कान से।

हम चाहते हैं कि
सभी बेटियां खुश रहें
हमेशा भले ही हो वो
मायके में या ससुराल में।

●●●●●●●●
खुशकिस्मत है वो
जो बेटी के बाप हैं,

उन्हें भरपूर प्यार दे, दुलार करें और यही व्यवहार अपनी पत्नी के साथ भी करें क्यों की वो भी किसी की बेटी है और अपने पिता की छोड़ कर आपके साथ पूरी ज़िन्दगी बीताने आयी है।  उसके पिता की सारी उम्मीदें सिर्फ और सिर्फ आप से हैं।

*अगर ये पोस्ट दिल को छु गया हो तो और लोगों के साथ शेयर करें*।

*ये पोस्ट समर्पित है हर नारी को*।

........✍✍✍✍🙏🙏🙏

Wednesday, 14 March 2018

एक पण्डित जी एक दिन एक बच्चे से उलझ गये ।

एक पण्डित जी एक दिन एक बच्चे से उलझ गये ।

बच्चे ने भी एक प्रश्न दाग दिया कि,

"वो कौन-सी वस्तु है, जो कभी अपवित्र नहीं होती......?"

पण्डित जी टोपी उतार कर पसीने-पसीने हो गये, मगर, उस बच्चे के प्रश्न का जवाब नहीं दे पाये ।

आखिर, हार मान कर बोले, चल तू बता ।

बच्चे ने कहा कि कभी न अपवित्र होने वाली वस्तु  है,

टैन्ट हाउस के गद्दे, जिसे......

हिन्दू,-मुसलमान से ले कर पण्डित, हरिजन कुम्हार , डोम और बाल्मीकि सभी धर्म के लोग इस्तेमाल करते हैं ।

ये गद्दे मैयत से लेकर पूजा पण्डाल तक और धार्मिक कथा से ले कर उठावनी तक हर मौके पर बिछते हैं ।

इनको कोई सुतक भी नहीं लगता ।

बाराती भी इन गद्दों पर सोम-रस पीने के बाद वमन करते हैं ।

छोटे बच्चों को सुविधानुसार इन पर पेशाब करा दिया जाता है ।

इतना ही नहीं, इन पर बिछी चादरों से जूते भी चमका लियेे जाते हैं ।

हद तो तब होती है, जब हलवाई इन चादरों में पनीर का चक्का लटका देता है ।

उसी  पनीर से क्या मजे का मटर-पनीर बनता है....

😤😤😤😤

😟😟😟😟

😏😏😏😏

                   पण्डित चारों खाने चित था.....!!

बच्चा पण्डित जी पर पानी के छीटे मार रहा था......!!  😀😀

इस पोस्ट को एक चुटकुले के नजरिए से ना देखा जाए।

यह एक सत्यता है जिसे हम सब जानते  , पर मानते नही है।
और दिखावा करते है।
!! जय हिंद!!

Saturday, 10 March 2018

भूतिया किस्सा* (कृपया अकेले न पढ़े)

*भूतिया किस्सा* (कृपया अकेले न पढ़े)

एक आदमी घर लौट रहा था..रास्ते में गाड़ी खराब हो गयी... रात काफी थी.. *एकदम घना अंधेरा था...* मोबाईल का नेटवर्क भी नहीं था.... उसकी हवा खराब... *ना कोई आगे ना दुर दुर तक कोई पिछे*...अब उसने गाड़ी साइड में लगा दी और लिफ्ट के लिये किसी गाड़ी का इंतेजार करने लगे...

काफी देर बाद
*एक गाड़ी बहुत धीमे धीमे उनकी ओर बढ रही थी*

...उसकी जान में जान आयी ...उसने गाड़ी रोकने के लिये हाथ दिया ... *गाड़ी धीरे धीरे रूक रूक कर उसके पास आयी...* उसने गेट खोला और झट से उसमें बैठ गया।
लेकिन
.
.
*अंदर बैठकर उसके होश उड़ गये*...गला सुखने लगा... आँखे खुली रह गयी ... छाती धड़कने लगी...

*उसने देखा कि ड्राइविंग सीट पर कोई नहीं है...गाड़ी अपने आप चल रही थी*

... एक तो रात का अंधेरा ...ऊपर से यह खौफनाक दृश्य ...उसको समझ नहीं आ रहा था अब क्या करूँ .. बाहर जाऊँ की अंदर रहूँ ... वो कोई फैसला करता की सामने रास्ते पर एक मोड़ आ गया ...

*तभी दो हाथ उनके बगल वाले काँच पर पड़े और गाड़ी मुड़ गयी...*
और फिर हाथ गायब ...अब तो उसकी सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी..

.हनुमान चालीसा शुरू कर दी...अंदर रहने में ही भलाई समझी ...
गाड़ी धीरे धीरे ..रूक रूक कर आगे बढती रही ...
*तभी सामने पेट्रोल पंप नजर आया ...*
गाड़ी वहाँ जाकर रूक गयी ...उसने राहत की साँस ली और तुरंत गाड़ी से उतर गया ..

*पानी पिया ..*

इतने में उसने देखा एक आदमी गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठने के लिये जा रहा है...

वह दौड़ते हुये उसके पास पहूंचा और उससे कहा *"इस गाड़ी में मत बैठो ...मैं इसी में बैठकर आया हूँ ... इसमें भुत है"*

उस आदमी ने उसके गाल पर झन्नाटेदार थप्पड़ जड़ा और कहा... *अबे साले... तु बैठा कब रे इसमें? ...तभी मैं सोचूँ गाड़ी एकदम से भारी कैसी हो गयी* ...यह मेरी ही गाड़ी है...पेट्रोल खतम था तो पाँच कि.मी. से धक्का मारते हुये ला रहा हूँ .."
😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜😜

Saturday, 16 September 2017

एक गांव में 2 दोस्त रहा करते थे !

एक गांव में 2 दोस्त रहा करते थे !

एक बापु और दूसरा पटेल ....
पटेल बहुत मेहनती था लेकिन बापु पूरा दिन शराब पीता...

पटेल जब भी बापु के यहां जाता बापु शराब पीकर टुन रहता..

पटेल काम की तलाश में शहर चला गया.....

कुछ अरसे के बाद वो एक नई साईकिल लेके बापु के यहां पहुंचा...

बापु उस समय भी शराब पी रहा था..

पटेल ने बापु को बहुत समझाया कि शराब पीना छोड़ और मेरे साथ शहर चल....

बापु राजी नहीं होते थे .

पटेल फिर शहर चला गया...

5 साल बाद पटेल नया स्कुटर ले कर गांव आया...और सीधा बापु के यहां पहुंचा 

बापु अब भी शराब पी रहे थे ..

पटेल ने उसे फिर समझाया...

बापु नहीं माने ..

पटेल फिर से शहर चला गया..

10 साल बाद पटेल फिर गांव आया इस बार वो नई ऑडी कार में आया....और सीधा बापु के घर गया....

बापु घर पर नहीं थे ..

पटेल ने गांव वालो से पूछा....लोगो ने बताया बापु गांव से बाहर एक खेत पर मिलेगे ....

पटेल खेत पर पहुंचा....और देखा बापु अब भी शराब पी रहा है.....

तभी उसकी नजर वहां खड़े हैलीकोप्टर पर पड़ी...

उसने बापु से पूछा ये किसका है...

बापु :- यार शराब पीते पीते घर पर बहुत सारी खाली बोतल जमा हो गई थी   .......

उन्ही को बेच कर ये हैलीकोप्टर
और
पार्किग के लिये ये खेत खरीद लिया...

पटेल आज तक कोमा में है.....😂😝😜

शिक्षाप्रद कहानियां भेजने का ठेका केवल मेरा नहीं है....
*आप भी भेजा करिये...*
☺☺☺☺☺☺☺

Monday, 28 August 2017

एक चूहे ने हीरा(diamond) निगल लिया तो हीरे

एक चूहे ने हीरा(diamond) निगल लिया तो हीरे के मालिक ने उस चूहे को मारने के लिये एक शिकारी को ठेका दिया। जब शिकारी चूहे को मारने पहुँचा तो वहाँ हजारों चूहे झूँड बनाकर एक दूजे पर चढे हुए थे और एक चूहा उन सबसे अलग बेठा था। शिकारी ने सीधा उस चूहे को पकङा जिसने डायमन्ड निगला था। अचम्भित डायमन्ड के मालिक ने शिकारी से पूछा,हजारों चूहों में से इसी चूहे ने डायमन्ड निगला यह तुम्हे केसे पता लगा? शिकारी ने जवाब दिया बहुत ही आसान था,जब मूर्ख धनवान बन जाता है तब दूसरों से मेल मिलाप छोङ देता है।


          🙏🏻 शुभ दिन🙏🏻

एक लड़का एक लड़की से बेहद प्यार करता था ....... लड़का-खाना खाया जान..?😘❤

एक लड़का एक लड़की से बेहद प्यार करता था .......
लड़का-खाना खाया जान..?😘❤
लड़की-नही मूड खराब है..😑
लड़का-क्यों क्या हुआ जान..? 😘❤
लड़की-मैं एक ड्रेस लेना चाहती हूँ और मम्मी पापा पैसे नही दे रहे है। 😒
लड़का-तो क्या हुआ मैं दिला दूंगा पागल 😊
लड़की-तुम कैसे दे सकते हो..?😲तुम्हारे पास पैसे हैं इतने?😒
लड़का-तुम टेंशन ना लो और खाना खा लो जान..... 😊❤
(अगले दिन..लड़का अपनी गोल्डन चैन बेचकर लड़की को पैसे दे देता हैं.. )
लड़की-(बहुत खुश होती है) i love u dear.... 😍😍😘❤
(और देखते ही देखते 4 महीने बीत जाते हैं...और एक दिन अचानक....)
लड़की-हम अब कभी नही मिलेंगे...मैं एक बहुत अमीर लड़के से शादी कर रही हूँ।😕😕😕
लड़का- पर मैं तुमसे प्यार करता हूँ...
लड़की-प्यार से ज़िन्दगी नही गुजरती..मेरी और भी जरूरतें हैं ...और तुम मुझे कुछ भी नही दे सकते हो....
ओके गुड़ बाय और हो सके तो मुझे भूल जाना 😕😕😕😕
लड़का-कभी जरूरत पड़ी तो एक दिन वो चीज भी दे दूँगा जो तुमने कभी सोची भी नही होगी....😑😢
ओके...अपना ख्याल रखना और खुश रहना....😒
(और लड़की अमीर लड़के से शादी कर लेती हैं और धीरे धीरे 2 साल गुजर जाते हैं....
पर लड़का तब भी उस लड़की की पल पल की खबर रखता है..
और एक दिन लड़की की तबियत ख़राब हो जाती हैं और उसे हॉस्पिटल ले जाना पड़ता हैं.)
डॉक्टर-हम इसे नही बचा पाएंगे...इसे बचाने के किये किसी को ओन हार्ट देना होगा...(3 घण्टे बाद लड़की को होश आ जाता हैं और......)
लड़की-पापा कैसे बच गयी में?किसने मुझे अपना हार्ट दिया?😲😲
लड़की का बाप-वही जो यूंह पागलो की तरह प्यार करता था 😒😑l
..... ये लैटर पढ़ लो.....
( उस लैटर में लिखा था.. "एक दिन तुम ने इस दिल को ठुकरा दिया था..और आज वही दिल तुम्हारे सीने में धड़क रहा हैं...अब इसे कैसे ठुकरोगी".....??)😑😒😒😢
लड़की फुट फुट कर रोने लगती हैं.... 💔💔💔😢
माना में पैसा हर जरूरत पूरी कर सकता हैं .....
पर हर चीज पैसे से नही खरीदी जा सकती...
.

■■हम झूठा व बासी नही खाते !!!*

*■■हम झूठा व बासी नही खाते !!!*

*अगली बार ये कहने से पहले सोचियेगा■■*

*कुछ दिन पहले एक परिचित दावत के लिये उदयपुर के एक मशहूर रेस्टोरेंट में ले गये।*

*मैं अक़्सर बाहर खाना खाने से कतराता हूँ किन्तु सामाजिक दबाव तले जाना पड़ा।*

*आजकल पनीर खाना रईसी की निशानी है इसलिए उन्होंने कुछ डिश पनीर की ऑर्डर की।*

*प्लेट में रखे पनीर के अनियमित टुकड़े मुझे कुछ अजीब से लगे। ऐसा लगा की उन्हें कांट छांट कर पकाया है।*

*मैंने वेटर से कुक को बुलाने के लिए कहा, कुक के आने पर मैंने उससे पूछा पनीर के टुकड़े अलग अलग आकार के व अलग रंगों के क्यों हैं तो उसने कहा ये स्पेशल डिश है।"*

*मैंने कहा की मैँ एक और प्लेट पैक करवा कर ले जाना चाहता हूं लेकिन वो मुझे ये डिश बनाकर दिखाये।*

*सारा रेस्टोरेंट अकबका गया...*
*बहुत से लोग थे जो खाना रोककर मुझे  देखने लगे...*

*स्टाफ तरह तरह के बहाने करने लगा। आखिर वेटर ने पुलिस के डर से बताया की अक्सर लोग प्लेटों में खाना,सब्जी सलाद व रोटी इत्यादी छोड़ देते हैं। रसोई में वो फेंका नही जाता। पनीर व सब्जी के बड़े टुकड़ों को इकट्ठा कर दुबारा से सब्जी की शक्ल में परोस दिया जाता है।*

*प्लेटों में बची सलाद के टुकड़े दुबारा से परोस दिए जाते है । प्लेटों में बचे सूखे  चिकन व मांस के टुकड़ों को काटकर करी के रूप में दुबारा पका दिया जाता है। बासी व सड़ी सब्जियाँ भी करी की शक्ल में छुप जाती हैं...*

*ये बड़े बड़े होटलों का सच है। अगली बार जब प्लेट में खाना बचे तो उसे इकट्ठा कर एक प्लास्टिक की थैली में साथ ले जाएं व बाहर जाकर उसे या तो किसी जानवर को दे दें या स्वयं से कचरेदान में फेंके*

*वरना क्या पता आपका झूठा खाना कोई और खाये या आप किसी और कि प्लेट का बचा खाना खाएं।*

*दूसरा क़िस्सा भगवान कृष्ण की भूमि वृंदावन का है. वृंदावन पहुंच कर,मैँ मुग्ध होकर पावन धरा को निहार रहा था। जयपुर से लंबी यात्रा के बाद हम सभी को कड़ाके की भूख लगी थी सो एक साफ से दिखने वाले  रेस्टोरेंट पर रुक गये । समय नष्ठ ना करने के लिए थाली मंगाई गई।*

*एक साफ से ट्रे में दाल, सब्जी,चावल, रायता व साथ एक टोकरी में रोटियां आई।*

*पहले कुछ कौर में ध्यान नही गया फिर मुझे कुछ ठीक नही लगा। मुझे रोटी में खट्टेपन का अहसास हुआ, फिर सब्जी की ओर ध्यान दिया तो देखा सब्जी में हर टुकड़े का रंग अलग अलग सा था। चावल चखा तो वहां भी माजरा गड़बड़ था। सारा खाना छोड़ दिया। फिर काउंटर पर बिल पूछा यो 650 का बिल थमाया।*

*मैंने कहा 'भैया! पैसे तो दूँगा लेकिन एक बार आपकी रसोई देखना चाहता हूं" वो अटपटा गया और पूछने लगा "क्यों?"*

*मैंने कहा "जो पैसे देता है उसे देखने का हक़ है कि खाना साफ बनता है या नहीँ?"*

*इससे पहले की वो कुछ समख पाता मैंने होटल की रसोई की ओर रुख किया।*

*आश्चर्य की सीमा ना रही जब देखा रसोई में कोई खाना नहीं पक रहा था। एक टोकरी में कुछ रोटियां पड़ी थी। फ्रिज खोल तो खुले डिब्बों में अलग अलग प्रकार की पकी हुई सब्जियां पड़ी हुई थी।कुछ खाने में तो फफूंद भी लगी हुई थी।*

*फ्रिज से बदबू का भभका आ रहा था।डांटने पर रसोइये ने बताया की सब्जियां करीब एक हफ्ता पुरानी हैं। परोसने के समय वो उन्हें कुछ तेल डालकर कड़ाई में तेज गर्म कर देता है और धनिया टमाटर से सजा देता है।*

*रोटी का आटा 2 दिन में एक बार ही गूंधता है।*

*कई कई घण्टे जब बिजली चली जाती है तो खाना खराब होने लगता है तो वो उसे तेज़ मसालों के पीछे छुपाकर परोस देते हैं। रोटी का आटा खराब हो तो उसे वो नॉन बनाकर परोस देते हैं।*

*मैंने रेस्टोरेंट मालिक से कहा कि "आप भी कभी यात्रा करते होंगे, इश्वेर करे जब अगली बार आप भूख से बिलबिला रहे हों तो आपको बिल्कुल वैसा ही खाना मिले जैसा आप परोसते हैं"  उसका चेहरा स्याह हो गया....*

*आज आपको खतरो, धोखों व ठगी से सिर्फ़ जागरूकता ही बचा सकती है क्योंकी भगवान को भी दुष्टों ने घेर रखा है।*

*भारत से सही व गलत का भेद खत्म होता जा रहा है....*

*हर दुकान व प्रतिष्ठान में एक कोने में भगवान का बड़ा या छोटा मंदिर होता है, व्यपारी सवेरे आते ही उसमे धूप दीप लगाता है, गल्ले को हाथ जोड़ता है और फिर सामान के साथ आत्मा बेचने का कारोबार शुरू हो जाता है!!!*

*भगवान से मांगते वक़्त ये नही सोचते की वो स्वयं दुनिया को क्या दे रहे हैं!!****

*जागरूक बनिये!!*
*और कोई चारा नही है*

मेरे पास भी यह मैसेज कहीं से आया था,मुझे लगा आगे सेंड करना चाहिये इस लिये कर दिया,हो सकता है आपको सब बातें सही न लगे लेकिन जागरूक बनने में कोई बुराई नहीं है