Sunday, 28 May 2017
मै बस😢🙆 में बैठा था मेरे बगल में एक लडकी खडी
कल एक दोस्त की तबियत खराब थी घर वालो ने icu
*एक जरूरी सुचना❗आपको एक *आधार कार्ड* वेरिफिकेशन कॉल कभी भी आ सकता है, आपको आपका आधार कार्ड नम्बर
मालकिन अपनी नौकरानी से - "तुम
SORRY* शब्द कितना विचित्र है ना ?
लड़कियां किसी लडके को,

जिंदगी में पीछे देखोगे तो *"अनुभव"* मिलेगा..., जिंदगी में आगे देखोगे तो *"आशा"* मिलेगी...,

हमारी आने वाली पीढ़ी की "A.B.C.D"

विवाह एक भरोसा है, समर्पण है।*
*शीशा और रिश्ता* दोनों नाजुक होते हैं ।

कट्टपा ने बाहुबली को क्यूँ मारा..पूरा देश जानना चाहता है,मगर,नक्सलियों ने जवानों को क्यूँ मारा...कोई नहीं जानना चाहता...
तेरी दया पर यह जीवन है मेरा...........

पत्नी ने सुबह सुबह कहा कि

सफलता के 21 मंत्र " 👏👏1.खुद की कमाई से कम

Tuesday, 16 May 2017
डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की चन्द लाईनें जो हमे जीवन में हमेशा याद रखनी चाहिए। और हो सके तो उसे अमल भी करना चाहिये। ------------------------------------------------
डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की चन्द लाईनें जो हमे जीवन में हमेशा याद रखनी चाहिए। और हो सके तो उसे अमल भी करना चाहिये।
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1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
बेकार मत समझना,क्योक़ि
बंद पडी घडी भी दिन में
दो बार सही समय बताती है।
2. किसी की बुराई तलाश करने
वाले इंसान की मिसाल उस
मक्खी की तरह है जो सारे
खूबसूरत जिस्म को छोडकर
केवल जख्म पर ही बैठती है।
3. टूट जाता है गरीबी मे
वो रिश्ता जो खास होता है,
हजारो यार बनते है
जब पैसा पास होता है।
4. मुस्करा कर देखो तो
सारा जहाॅ रंगीन है,
वर्ना भीगी पलको
से तो आईना भी
धुधंला नजर आता है।
5..जल्द मिलने वाली चीजे
ज्यादा दिन तक नही चलती,
और जो चीजे ज्यादा
दिन तक चलती है
वो जल्दी नही मिलती।
6. बुरे दिनो का एक
अच्छा फायदा
अच्छे-अच्छे दोस्त
परखे जाते है।
7. बीमारी खरगोश की तरह
आती है और कछुए की तरह
जाती है;
जबकि पैसा कछुए की तरह
आता है और.खरगोश की
तरह जाता है।
8. छोटी छोटी बातो मे
आनंद खोजना चाहिए
क्योकि बङी बङी तो
जीवन मे कुछ ही होती है।
9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
न मिले तो उससे नाराज
ना होना क्योकि ईश्वर
वह नही देता जो आपको
अच्छा लगता है बल्कि
वह देता है जो आपके लिए
अच्छा होता है
10. लगातार हो रही
असफलताओ से निराश
नही होना चाहिए क्योक़ि
कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
चाबी भी ताला खोल देती है।
11. ये सोच है हम इसांनो की
कि एक अकेला
क्या कर सकता है
पर देख जरा उस सूरज को
वो अकेला ही तो चमकता है।
12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
उन्हे तोङना मत क्योकि
पानी चाहे कितना भी गंदा हो
अगर प्यास नही बुझा सकता
वो आग तो बुझा सकता है।
13. अब वफा की उम्मीद भी
किस से करे भला
मिटटी के बने लोग
कागजो मे बिक जाते है।
14. इंसान की तरह बोलना
न आये तो जानवर की तरह
मौन रहना अच्छा है।
15. जब हम बोलना
नही जानते थे तो
हमारे बोले बिना'माँ'
हमारी बातो को समझ जाती थी।
और आज हम हर बात पर
कहते है छोङो भी 'माँ'
आप नही समझोंगी।
16. शुक्र गुजार हूँ
उन तमाम लोगो का
जिन्होने बुरे वक्त मे
मेरा साथ छोङ दिया
क्योकि उन्हे भरोसा था
कि मै मुसीबतो से
अकेले ही निपट सकता हूँ।
17. शर्म की अमीरी से
इज्जत की गरीबी अच्छी है।
18. जिदंगी मे उतार चङाव
का आना बहुत जरुरी है
क्योकि ECG मे सीधी लाईन
का मतलब मौत ही होता है।
19. रिश्ते आजकल रोटी
की तरह हो गए है
जरा सी आंच तेज क्या हुई
जल भुनकर खाक हो जाते।
20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
तलाश मत करो
खुद अच्छे बन जाओ
आपसे मिलकर शायद
किसी की तालाश पूरी हो।
Sunday, 14 May 2017
जब आंख खुली तो अम्मा की ⛺गोदी का एक सहारा था ⛺उसका नन्हा सा आंचल मुझको ⛺भूमण्डल से प्यारा था.....
☝एक बार इस कविता को
💘दिल से पढ़िये
😋शब्द शब्द में गहराई है...
⛺जब आंख खुली तो अम्मा की
⛺गोदी का एक सहारा था
⛺उसका नन्हा सा आंचल मुझको
⛺भूमण्डल से प्यारा था
🌹उसके चेहरे की झलक देख
🌹चेहरा फूलों सा खिलता था
🌹उसके स्तन की एक बूंद से
🌹मुझको जीवन मिलता था
👄हाथों से बालों को नोंचा
👄पैरों से खूब प्रहार किया
👄फिर भी उस मां ने पुचकारा
👄हमको जी भर के प्यार किया
🌹मैं उसका राजा बेटा था
🌹वो आंख का तारा कहती थी
🌹मैं बनूं बुढापे में उसका
🌹बस एक सहारा कहती थी
🌂उंगली को पकड. चलाया था
🌂पढने विद्यालय भेजा था
🌂मेरी नादानी को भी निज
🌂अन्तर में सदा सहेजा था
🌹मेरे सारे प्रश्नों का वो
🌹फौरन जवाब बन जाती थी
🌹मेरी राहों के कांटे चुन
🌹वो खुद गुलाब बन जाती थी
👓मैं बडा हुआ तो कॉलेज से
👓इक रोग प्यार का ले आया
👓जिस दिल में मां की मूरत थी
👓वो रामकली को दे आया
🌹शादी की पति से बाप बना
🌹अपने रिश्तों में झूल गया
🌹अब करवाचौथ मनाता हूं
🌹मां की ममता को भूल गया
☝हम भूल गये उसकी ममता
☝मेरे जीवन की थाती थी
☝हम भूल गये अपना जीवन
☝वो अमृत वाली छाती थी
🌹हम भूल गये वो खुद भूखी
🌹रह करके हमें खिलाती थी
🌹हमको सूखा बिस्तर देकर
🌹खुद गीले में सो जाती थी
💻हम भूल गये उसने ही
💻होठों को भाषा सिखलायी थी
💻मेरी नीदों के लिए रात भर
💻उसने लोरी गायी थी
🌹हम भूल गये हर गलती पर
🌹उसने डांटा समझाया था
🌹बच जाउं बुरी नजर से
🌹काला टीका सदा लगाया था
🏯हम बडे हुए तो ममता वाले
🏯सारे बन्धन तोड. आए
🏯बंगले में कुत्ते पाल लिए
🏯मां को वृद्धाश्रम छोड आए
🌹उसके सपनों का महल गिरा कर
🌹कंकर-कंकर बीन लिए
🌹खुदग़र्जी में उसके सुहाग के
🌹आभूषण तक छीन लिए
👑हम मां को घर के बंटवारे की
👑अभिलाषा तक ले आए
👑उसको पावन मंदिर से
👑गाली की भाषा तक ले आए
🌹मां की ममता को देख मौत भी
🌹आगे से हट जाती है
🌹गर मां अपमानित होती
🌹धरती की छाती फट जाती है
💧घर को पूरा जीवन देकर
💧बेचारी मां क्या पाती है
💧रूखा सूखा खा लेती है
💧पानी पीकर सो जाती है
🌹जो मां जैसी देवी घर के
🌹मंदिर में नहीं रख सकते हैं
🌹वो लाखों पुण्य भले कर लें
🌹इंसान नहीं बन सकते हैं
✋मां जिसको भी जल दे दे
✋वो पौधा संदल बन जाता है
✋मां के चरणों को छूकर पानी
✋गंगाजल बन जाता है
🌹मां के आंचल ने युगों-युगों से
🌹भगवानों को पाला है
🌹मां के चरणों में जन्नत है
🌹गिरिजाघर और शिवाला है
🌹हर घर में मां की पूजा हो
🌹ऐसा संकल्प उठाता हूं
🌹मैं दुनियां की हर मां के
🌹चरणों में ये शीश झुकाता हूं...
मेरी माँ 🙏🏻🌹