एक Anoop guptaदिल्ली की बैँक मेँ
गया,
और बैँक मेनेजर से रु.50,000 का लोन मांगा.
बैँक मेनेजर ने गेरेँटर मांगा.
Anoop guptaअपनी BMW कार 🚔जो बैँक के सामने
पार्क की हुई
थी उसको गेरेँटी के तरीके
से जमा करवा दी.
मेनेजर ने गाडी के कागज चैक किए,
और लोन देकर गाडी को
कस्टडी मेँ
खडी करने के लिए
कर्मचारी को सुचना दी.Anoop
50,000 रुपये लेकर चला गया.
बैँक मेनेजर और कर्मचारी Anoop पर हँसने
लगे और बात करने लगे कि यह करोडपति होते हुए
भी अपनी गाडी सिर्फ
50,000 मेँ गिरवी रख कर चला गया.
कितना बेवकुफ आदमी है.😗😗
उसके बाद 2 महीने बाद Anoop वापस बैँक मे
गया
और लोन की सभी रकम देकर
अपनी गाडी वापस लेने
की इच्छा दर्शायी.
बैँक मेनेजर ने हिसाब-किताब किया और बोला : 50,000 मुल
रकम के साथ 1250 रुपये ब्याज.
Anoop guptaने पुरे पैसे दे दिए.
बैँक मेनेजर से रहा नही गया और उसने पुछा :
कि आप इतने करोडपति होते भी आपको 50,000
रुपयो कि जरुरत कैसे पङी Anoop guptaने जवाब दिया : मैँ भोपाल से आया था.
मैँ अमेरिका जा रहा था.
दिल्ली से मेरी फ्लाइट थी.
दिल्ली मेँ
मेरी गाडी कहा पार्क
करनी है यह मेरी सबसे
बडी प्रोबलम थी.
लेकिन इस प्रोबलम को आपने हल कर दिया.
मेरी गाडी 🚔भी सेफ
कस्टडी मेँ दो महीने तक संभाल के
रखा और 50,000 रुपये
खर्च करने के लिए भी दिए दोनो काम करने
का चार्ज लगा सिर्फ 1250 रुपये.
आपका बहुत बहुत धन्यवाद.!
इसिलिए कहते the Great Ãńøőp gupta
आदते बुरी नही हमारी
बस थोडे शौक उँचे है |
वर्ना किसी ख्वाब
की इतनी औकात नही,
की हम देखे और वो पूरा ना हो...
हम बादशाहो के बादशाह है, इसलीए
गुलामो जैसी हरकते नही,
नोटो पर फोटो हमारा भी हो सकता,
पर
लोगो की जेब मे
रहना हमारी फीतरत नही।
5 मिनट मे शेयर करे !
...🐅🐅🐅🐅🐅
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