Thursday, 16 March 2017

अर्ज़ किया है - "महफ़िल में हमारे जूते खो गये तो हम घर कैसे जायेंगे ?

👌👌👌👌👌
अर्ज़ किया है -

"महफ़िल में हमारे जूते खो
गये तो हम घर कैसे जायेंगे ?

महफ़िल में हमारे जूते खो
गये तो हम घर कैसे जायेंगे ?"

किसी ने   कहा-..........?...आप शायरी तो
शुरू कीजिए
इतने मिलेंगे कि आप गिन नहीं पायेंगे"।
😋😝😛😜😄 😝😛

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