Saturday, 9 November 2019

मन ऐसा रखो कि किसी को बुरा न लगे,*

मन ऐसा रखो कि किसी को बुरा न लगे,*
*दिल ऐसा रखो कि किसी को दुःखी न करें,*
*रिश्ता ऐसा रखो कि उसका अंत न हो,*
*कोई भी व्यक्ति हमारा मित्र या शत्रु बनकर संसार में नही आता, हमारा व्यवहार और शब्द ही लोगो को मित्र और शत्रु बनाते है*
      

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