*"जिंदगी की सचाई"*
*एक रस्सी है जिसका एक सिरा*
*ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है,*
*और दूसरा औकात ने,*
*इसी खींचातानी का नाम*
*"जिंदगी" है......!*
*"लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें,*
*लेकिन ये भी सत्य है कि*
*वो कभी नहीं चाहते कि आप उनसे* *बेहतर करें !!!*
*जीवन का बहुत सीधा सा परिचय है,*
*आँसू वास्तविक है...और मुस्कान में अभिनय है !*
*सुप्रभात*

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